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डायनेमो के कार्य का सिद्धांत आधारित है -

  • धारा के उष्मीय प्रभाव पर
  • विद्युत-चुंबकीय प्रेरण पर
  • प्रेरित चुंबकत्व पर
  • प्रेरित विद्युत पर

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10 Months agoGrade
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1 Answer

Profile image of Askiitians Tutor Team
ApprovedApproved Tutor Answer10 Months ago

डायनेमो एक विद्युत जनित्र है जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है। इसका कार्य सिद्धांत मुख्यतः विद्युत-चुंबकीय प्रेरण पर आधारित है।

धारा का उष्मीय प्रभाव

जब विद्युत धारा किसी चालक से गुजरती है, तो वह गर्म होती है। यह उष्मीय प्रभाव उस धारा की तीव्रता और चालक के प्रतिरोध पर निर्भर करता है।

विद्युत-चुंबकीय प्रेरण

जब एक चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन होता है, तो यह एक विद्युत धारा उत्पन्न करता है। यह प्रक्रिया माइकल फैराडे के नियमों पर आधारित है।

प्रेरित चुंबकत्व

जब कोई चालक चुंबकीय क्षेत्र में होता है और उस पर धारा प्रवाहित होती है, तो वह खुद एक चुंबकीय क्षेत्र उत्पन्न करता है। यह प्रेरित चुंबकत्व डायनेमो के कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

डायनेमो का कार्य

  • यांत्रिक ऊर्जा का उपयोग: डायनेमो में एक घूर्णन भाग होता है, जो यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करता है।
  • विद्युत धारा का उत्पादन: चुंबकीय क्षेत्र में परिवर्तन के कारण विद्युत धारा उत्पन्न होती है।

इस प्रकार, डायनेमो का कार्य सिद्धांत विद्युत-चुंबकीय प्रेरण, धारा के उष्मीय प्रभाव और प्रेरित चुंबकत्व पर आधारित है, जो इसे विद्युत ऊर्जा उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है।