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परावर्ती दूरदर्शक ( कैसीग्रेनियम) की व्यवस्था का आरेख चित्र खींचकर समझाइये। आवर्धन क्षमता का व्यंजक लिखिए。

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परावर्ती दूरदर्शक, जिसे कैसिग्रेनियम भी कहा जाता है, एक प्रकार का दूरदर्शक है जो मुख्य रूप से खगोल विज्ञान में उपयोग किया जाता है। इसका डिज़ाइन एक विशेष प्रकार के दर्पण और लेंस का संयोजन होता है।

कैसिग्रेनियम दूरदर्शक का आरेख

इस दूरदर्शक का आरेख निम्नलिखित तत्वों को दर्शाता है:

  • प्राथमिक दर्पण: यह गोलाकार होता है और प्रकाश को एकत्रित करता है।
  • द्वितीयक दर्पण: यह प्राथमिक दर्पण से प्राप्त प्रकाश को पुनः केंद्रित करता है।
  • आवर्धक लेंस: यह अंतिम छवि को देखने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • दूरदर्शक ट्यूब: यह सभी घटकों को एक साथ रखता है।

आवर्धन क्षमता का व्यंजक

कैसिग्रेनियम दूरदर्शक की आवर्धन क्षमता को निम्नलिखित व्यंजक द्वारा व्यक्त किया जा सकता है:

आवर्धन (M) = (फोकल लंबाई प्राथमिक दर्पण) / (फोकल लंबाई आवर्धक लेंस)

इस व्यंजक का उपयोग करके, आप दूरदर्शक की आवर्धन क्षमता की गणना कर सकते हैं। यह गणना आपको यह समझने में मदद करती है कि दूरदर्शक कितनी स्पष्टता और विस्तार से वस्तुओं को दिखा सकता है।