मीटर सेतु एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसका उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है। यह उपकरण वॉटस्टन ब्रिज सिद्धांत पर आधारित है, जो चार प्रतिरोधों के संतुलन पर कार्य करता है।
मीटर सेतु की संरचना
मीटर सेतु में चार मुख्य प्रतिरोध होते हैं:
- R1: ज्ञात प्रतिरोध
- R2: ज्ञात प्रतिरोध
- R3: ज्ञात प्रतिरोध
- Rx: अज्ञात प्रतिरोध
इन प्रतिरोधों को एक ब्रिज के रूप में जोड़ा जाता है, जिसमें एक गैल्वेनोमीटर भी होता है जो संतुलन की स्थिति को दर्शाता है।
सिद्धांत का कार्यप्रणाली
जब मीटर सेतु संतुलित होता है, तो गैल्वेनोमीटर में कोई धारा नहीं बहती। इस स्थिति में, निम्नलिखित समीकरण लागू होता है:
R1/R2 = Rx/R3
इससे अज्ञात प्रतिरोध (Rx) की गणना की जा सकती है:
Rx = (R1/R2) * R3
चित्रण
मीटर सेतु का चित्रण इस प्रकार है:
R1
+----/\/\/\/\----+
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+----/\/\/\/\----+
R2 R3
+----/\/\/\/\----+
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+----/\/\/\/\----+
Rx
इस प्रकार, मीटर सेतु का उपयोग करके हम अज्ञात प्रतिरोध को सटीकता से माप सकते हैं।