मीटर सेतु एक महत्वपूर्ण उपकरण है जिसका उपयोग किसी अज्ञात प्रतिरोध का मान ज्ञात करने के लिए किया जाता है। इस विधि में, एक संतुलित परिपथ का निर्माण किया जाता है, जिसमें ज्ञात और अज्ञात प्रतिरोध दोनों शामिल होते हैं।
मीटर सेतु की संरचना
मीटर सेतु में चार प्रतिरोध होते हैं:
- R1: ज्ञात प्रतिरोध
- R2: ज्ञात प्रतिरोध
- R3: अज्ञात प्रतिरोध
- R4: समायोज्य प्रतिरोध
परिपथ चित्र
मीटर सेतु का परिपथ चित्र निम्नलिखित है:
विधि
अज्ञात प्रतिरोध ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- मीटर सेतु को एक स्थिर स्थिति में सेट करें।
- R1 और R2 के मान ज्ञात करें।
- R3 को अज्ञात प्रतिरोध के रूप में सेट करें।
- R4 को समायोजित करें जब तक कि सेतु संतुलित न हो जाए।
- जब सेतु संतुलित हो, तब वोल्टेज के विभाजन के सिद्धांत का उपयोग करें।
सूत्र की व्युत्पत्ति
जब मीटर सेतु संतुलित होता है, तो:
R1/R2 = R3/R4
इससे अज्ञात प्रतिरोध R3 का मान ज्ञात किया जा सकता है:
R3 = (R1/R2) * R4
इस प्रकार, मीटर सेतु का उपयोग करके अज्ञात प्रतिरोध का मान आसानी से ज्ञात किया जा सकता है।